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न्यूज़ रिपोर्टर कैसे बने? जानिए कोर्स, योग्यता, करियर और सैलरी की पूरी जानकारी

न्यूज़ रिपोर्टर कैसे बने अगर आप भी पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि न्यूज़ रिपोर्टर बनने के लिए कौन सा कोर्स करना पड़ता है, कितनी पढ़ाई जरूरी है और इसमें कितनी सैलरी मिलती है तो यह जानकारी आपके लिए काफी काम की हो सकती है। आज के समय में मीडिया का क्षेत्र काफी बड़ा हो चुका है। पहले जहां खबरों के लिए लोग मुख्य रूप से अखबार और टीवी पर निर्भर रहते थे, वहीं अब डिजिटल मीडिया, वेबसाइट, सोशल मीडिया और YouTube के जरिए भी खबरें लोगों तक पहुंचती हैं। ऐसे में पत्रकारिता में करियर बनाने वालों के लिए काम करने के कई रास्ते मौजूद हैं। पत्रकारिता में भी अलग-अलग तरह के काम होते हैं। कोई राजनीति की खबरें कवर करता है तो कोई खेल, अपराध, मनोरंजन, बिजनेस या स्थानीय खबरों पर काम करता है। इसलिए सबसे पहले आपको यह तय करना चाहिए कि आपकी रुचि किस तरह की रिपोर्टिंग में है। न्यूज़ रिपोर्टर कैसे बने अगर आप न्यूज़ रिपोर्टर या पत्रकार बनना चाहते हैं तो सबसे जरूरी चीज केवल डिग्री नहीं बल्कि जानकारी को समझने, उसकी जांच करने और सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की क्षमता है। एक रिपो...
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FASTag क्या होता है? जानिए कैसे काम करता है, फायदे, रिचार्ज और ऑनलाइन बनाने का तरीका

अगर आप कार या कोई दूसरा चार पहिया वाहन चलाते हैं तो आपने FASTag के बारे में जरूर सुना होगा। भारत में नेशनल हाईवे पर सफर करते समय टोल प्लाजा से होकर गुजरना पड़ता है और यहां वाहन के अनुसार टोल शुल्क लिया जाता है। पहले टोल प्लाजा पर कैश देकर भुगतान करना पड़ता था, जिसकी वजह से कई बार लंबी लाइन लग जाती थी और वाहन चालकों को काफी समय इंतजार करना पड़ता था। इसी समस्या को कम करने के लिए भारत में FASTag की सुविधा शुरू की गई। इसकी मदद से टोल का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किया जाता है। वाहन की विंडस्क्रीन पर लगा FASTag टोल प्लाजा पर लगे RFID सिस्टम के जरिए पढ़ा जाता है और लागू टोल राशि FASTag से जुड़े खाते या वॉलेट से काट ली जाती है। FASTag क्या होता है? What is FASTag in Hindi FASTag एक RFID (Radio Frequency Identification) आधारित इलेक्ट्रॉनिक टैग है, जिसे वाहन की आगे वाली विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। यह टैग आपके वाहन और संबंधित FASTag खाते से जुड़ा होता है। जब आपका वाहन किसी FASTag वाले टोल प्लाजा से गुजरता है तो वहां लगा RFID रीडर आपके वाहन की विंडस्क्रीन पर लगे FASTag को पढ़ता है। इसके बा...

LIC Agent कैसे बने? जानिए योग्यता, उम्र, डॉक्यूमेंट, कमीशन और ऑनलाइन आवेदन की पूरी जानकारी

अगर आप बीमा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं और लोगों को जीवन बीमा पॉलिसी के बारे में जानकारी देकर कमाई करना चाहते हैं, तो LIC Agent बनना आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC देश की सबसे जानी-मानी जीवन बीमा कंपनियों में से एक है और इसके एजेंट देश के अलग-अलग हिस्सों में ग्राहकों को पॉलिसी की जानकारी देने और बीमा सेवाएं उपलब्ध कराने का काम करते हैं। LIC Agent को आप कंपनी और ग्राहक के बीच एक माध्यम के तौर पर समझ सकते हैं। एजेंट का काम ग्राहकों को उपलब्ध पॉलिसियों के बारे में समझाना, उनकी जरूरत के अनुसार जानकारी देना और पॉलिसी लेने की प्रक्रिया में सहायता करना होता है। इसके बदले एजेंट को कंपनी की निर्धारित शर्तों के अनुसार कमीशन मिलता है। अगर आप इस काम को पार्ट टाइम या फुल टाइम करना चाहते हैं, तो आगे हम आपको LIC Agent कैसे बने, कितनी पढ़ाई चाहिए, उम्र कितनी होनी चाहिए, कौन से डॉक्यूमेंट लगते हैं और LIC Agent को कमीशन कैसे मिलता है , इसकी पूरी जानकारी आसान भाषा में बताएंगे। LIC Agent कैसे बने? LIC Agent बनने के लिए सबसे पहले आपको LIC की एजेंसी के लिए...

दुनिया का सबसे बड़ा धर्म कौन सा है? जानिए टॉप 10 धर्मों की सूची

 क्या आप जानना चाहते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा धर्म कौन सा है? अगर हाँ, तो इस आर्टिकल में हम आपको जनसंख्या के आधार पर दुनिया के सबसे बड़े धर्मों के बारे में आसान भाषा में बताएंगे। दुनिया की अधिकांश आबादी किसी न किसी धर्म या आस्था से जुड़ी हुई है, जबकि कुछ लोग स्वयं को किसी धर्म से नहीं जोड़ते। हर धर्म की अपनी अलग मान्यताएं, परंपराएं और जीवन जीने का तरीका होता है। यही विविधता दुनिया को और भी खास बनाती है। भारत की बात करें तो यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन सहित कई धर्मों के लोग मिलकर रहते हैं, इसलिए भारत को विविधताओं वाला देश भी कहा जाता है। दुनिया का सबसे बड़ा धर्म कौन सा है? अगर जनसंख्या के आधार पर देखा जाए, तो ईसाई धर्म (Christianity) दुनिया का सबसे बड़ा धर्म माना जाता है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या अध्ययनों के अनुसार, दुनिया में लगभग 2.4 अरब लोग ईसाई धर्म का पालन करते हैं। यह विश्व की कुल आबादी का लगभग 30–31% हिस्सा है। ईसाई धर्म के अनुयायी यूरोप, उत्तर और दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के कई देशों में बड़ी संख्या में रहते हैं। दुनिया का दूसरा...

टीवी चैनल पैसे कैसे कमाते हैं? जानिए उनकी कमाई का पूरा तरीका

  क्या आपने कभी सोचा है कि टीवी चैनल पैसे कैसे कमाते हैं? अगर नहीं, तो आज इस आर्टिकल में हम आपको आसान भाषा में यही समझाने वाले हैं। हम सभी बचपन से टीवी देखते आ रहे हैं। चाहे मनोरंजन के लिए सीरियल हो, लाइव क्रिकेट मैच, फिल्में या फिर न्यूज, लगभग हर घर में टीवी का इस्तेमाल होता है। जब भी हम कोई कार्यक्रम देखते हैं, तो उसके बीच-बीच में कई विज्ञापन दिखाई देते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर इन टीवी चैनलों की कमाई कैसे होती है और इन्हें पैसा कौन देता है। आइए विस्तार से जानते हैं। टीवी चैनल पैसे कैसे कमाते हैं? टीवी चैनलों की कमाई का सबसे बड़ा स्रोत विज्ञापन (Advertisement) होता है। जब कोई कंपनी अपने प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार करना चाहती है, तो वह टीवी चैनलों पर विज्ञापन चलाती है। इसके बदले कंपनी चैनल को पैसे देती है। आपने देखा होगा कि किसी सीरियल, न्यूज या क्रिकेट मैच के दौरान हर कुछ मिनट बाद विज्ञापन दिखाए जाते हैं। यही विज्ञापन टीवी चैनलों की आय का मुख्य जरिया होते हैं। विज्ञापन आमतौर पर 5 सेकंड, 10 सेकंड, 20 सेकंड या 30 सेकंड तक के होते हैं। जितनी अधिक अवध...

रेल की पटरी पर जंग क्यों नहीं लगती? जानिए इसका असली कारण

क्या आपने कभी सोचा है कि रेल की पटरी पर जंग क्यों नहीं लगती? अगर आप अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, तो आपने जरूर देखा होगा कि रेलवे ट्रैक खुले वातावरण में सालों तक पड़े रहते हैं। धूप, बारिश और नमी का असर झेलने के बावजूद इन पर सामान्य लोहे की तरह ज्यादा जंग दिखाई नहीं देती। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल आना स्वाभाविक है कि आखिर इसका कारण क्या है। आमतौर पर लोहे से बनी किसी भी चीज पर यदि पेंट न किया जाए और वह लंबे समय तक हवा और नमी के संपर्क में रहे, तो उस पर जंग लगने लगती है। लेकिन रेलवे ट्रैक पर कोई पेंट भी नहीं किया जाता, फिर भी वे वर्षों तक मजबूत बने रहते हैं। आइए इसकी असली वजह जानते हैं। रेल की पटरी पर जंग क्यों नहीं लगती? असल में यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि रेल की पटरी पर बिल्कुल जंग नहीं लगती। सच्चाई यह है कि रेल की पटरियों पर जंग लगती है, लेकिन इसकी मात्रा बहुत कम होती है और यह सामान्य लोहे की तुलना में काफी धीमी गति से फैलती है। रेलवे ट्रैक बनाने के लिए साधारण लोहे की बजाय उच्च गुणवत्ता वाले हाई-कार्बन स्टील (High Carbon Steel) और विशेष मिश्रधातुओं का उपयोग किया जाता है। ...

भारत कब आजाद हुआ था कौन से सन में

इस आर्टिकल में जानेंगे भारत कब आजाद हुआ था कौन से सन में जैसा कि हम सभी जानते हैं इंडिया देश ने कई सदी गुलामी में झेली है शुरुआत में यहाँ राजाओं का शासन हुआ करता था। जिनके दौर में भारत सोने की चिड़िया के नाम से दुनियाभर में पहचाना जाता था। इसके बाद इंडिया पर विदेशी आक्रमणकारी मुगलों का राज हुआ और फिर अंग्रेजों ने भारत पर सैकड़ों साल राज किया था।  हमारे देश के इतिहास में हम सभी पढ़ते आ रहे हैं लेकिन बहुत से लोग भूल जाते है उन्हें पता नहीं होता कि भारत को कब आजाद किया गया था किस Year में। अगर आप किसी एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो आपको इस तरह के सवालों के जवाब पता होना चाहिए। चूँकि भारत को इतिहास में सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता था क्योंकि उस समय इंडिया काफी धनवान देश हुआ करता था। ऐसे में बहुत से आक्रमणकारियों ने भारत पर शासन करने की योजना बनाई थी। जिसमें सबसे ज्यादा यूरोपियाई अंग्रेजी लोग सफल हुए थे। जब अंग्रेजी शासन इंडिया पहुंचा तो उस समय हमारे देश में मुगलों का शासन हुआ करता था जिनके खिलाफ युद्ध छेड़कर अंग्रेजों ने भारत पर अपनी हुकूमत स्थापित की थी। अंग्रेजों ने भारत में न के...